उत्तर प्रदेश · वाराणसी मंडल · गंगा किनारे प्राचीन नगर

वाराणसीVaranasi — शिव की नगरी, घाटों और आरती का शहर

जनसंख्या 1,198,491 (Census 2011) पिन 221001 STD 0542 ऊँचाई 80.7 मी वाहन UP-65
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वाराणसी एक मिनट में

शिव का जीता-जागता शहर — गंगा किनारे तीन हज़ार साल के घाट, रेशम और अनवरत अनुष्ठान।

वाराणसी (काशी, बनारस) दुनिया के सबसे पुराने बसे हुए शहरों में से एक है — पूर्वी उत्तर प्रदेश में गंगा के मोड़ पर बसा। इसके घाट नदी तक उतरते हैं — दशाश्वमेध की शाम की गंगा आरती से लेकर सुबह के अस्सी घाट तक — और पुराना शहर उनके पीछे ऐसी गलियों का भूलभुलैया है जहाँ पीढ़ियों से बनारसी सिल्क, पीतल और काँच की चूड़ियाँ बिकती हैं।

शहर धार्मिक राजधानी है (काशी विश्वनाथ लाखों श्रद्धालु लाते हैं), शिक्षा का केंद्र है (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, 1916) और सिल्क बुनाई, कढ़ाई और लैकवर्क की शिल्प अर्थव्यवस्था है। नदी के उस पार सारनाथ में — जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश दिया — ASI संग्रहालय में अशोक का स्तंभ शिखर है, जो भारत का राष्ट्रीय प्रतीक बना। दिल्ली–हावड़ा मुख्य लाइन, लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा (VNS) और NH-2/NH-56 तीर्थयात्रा यातायात चलाते हैं।

त्वरित तथ्य

दर्जानगर निगम
जिलावाराणसी (मुख्यालय)
मंडलवाराणसी
जिला जनसंख्या (2011)36,82,194
शहर जनसंख्या (2011)11,98,491
अर्बन एग्लोमरेशन14,35,113
घनत्व≈14,500 / किमी²
भाषाएँहिंदी · अंग्रेज़ी · भोजपुरी
प्रमुख स्टेशनवाराणसी जं (BSB), बनारस (BSBS)
निकटतम हवाई अड्डालाल बहादुर शास्त्री (VNS) — ~25 किमी
नदीगंगा (शहर किनारे)
उप-मंडलवाराणसी · पिंडरा · अतरौलिया · चोलापुर
जिला साक्षरता75.6% (2011)
प्रसिद्धबनारसी सिल्क · घाट · काशी विश्वनाथ

सिटी मैप

25.3176°N, 82.9739°E · OpenStreetMap पूरा मैप ↗ रास्ता देखें ↗

जनांकिकी CENSUS 2011

आख़िरी आधिकारिक जनगणना — 2021 टली, अनुमान जारी होने पर अपडेट होंगे।

शहर जनसंख्या
11.98 लाख

11,98,491 निवासी

लिंगानुपात
909

प्रति 1,000 पुरुष

साक्षरता (शहर)
80.9%

नगर निगम क्षेत्र (2011)

बच्चे (0–6)
1.30 लाख

≈1,30,000 बच्चे

पुरुष / महिला
6,27,811 / 5,70,680
कुल साक्षर
≈8,64,000 (अनुमान)

🌟 छिपी और विरासत जगहें

पोस्टकार्ड से परे वाराणसी — शांत घाट, स्तूप के टीले और वो गलियाँ जो नाव-ब्रोशर में नहीं आतीं।

अस्सी के नीचे · दक्षिण छोर

पंचगंगा घाट

जहाँ पाँच नदियाँ मिलने की मान्यता — जर्जर मराठी मठ के साथ शांत किनारा, भीड़ लगभग शून्य।

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~10 किमी पूर्व · सारनाथ

चौखंडी स्तूप

वह ईंटा-आकार टीला जहाँ बुद्ध ने पहले शिष्यों से मिले — गुप्तकालीन अवशेष, चारों ओर खेत।

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पुराना शहर · नदी किनारे

दिगपतिया घाट

लकड़ी के राजसी हवेली-घाट, नक्काशीदार स्तंभ — स्थानीय यहाँ से गुज़रते हैं, सैलानी नहीं रुकते।

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पुराना शहर · मणिकर्णिका के दक्षिण

हरिश्चंद्र घाट

दो अंत्येष्टि घाटों में पुराना — छोटा, प्राचीन, और शहर की दूसरी, शांत लौ।

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लंका · दक्षिण तट

नई विश्वनाथ मंदिर (BHU)

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में संगमरमर प्रतिकृति — शांत कैंपस, ऊँचा शिखर, बाज़ार का शोर शून्य।

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मणिकर्णिका किनारा

रत्नेश्वर महादेव

मणिकर्णिका का झुका मंदिर — हमेशा से ढलान पर, बरसात में आधा डूबा, फिर भी पूजा होती है।

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दूर उत्तर · राज घाट पट्टी

आदि केशव घाट

मोड़ का सबसे उत्तरी घाट — शिव मंदिर, सामने खेत और सबसे चौड़ी गंगा।

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दक्षिण गलियाँ · डुंडखुना

दुर्गा मंदिर

दक्षिण गलियों का लाल शिखर वाला मंदिर — बंदर, भगवा झंडे और बगल में पुराना डुंडखुना कुआँ।

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नदी किनारे · दरभंगा पक्ष

मुंशी घाट

पड़ोसी दरभंगा के भव्य घाट — औपनिवेशिक शैली की सीढ़ियों का ढेर, जिसे कम ही फ़ोटो करते हैं।

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वीकेंड गेटअवे

वाराणसी शहर से लगभग सड़क दूरियाँ।

सारनाथबौद्ध स्थल · अशोक स्तंभ
रास्ता ↗
~10 किमी
चुनारकिला व बलुआ पत्थर
रास्ता ↗
~40 किमी
विंध्याचलशक्ति पीठ · घंटा बाज़ार
रास्ता ↗
~90 किमी
प्रयागराजसंगम · कुंभ नगरी
रास्ता ↗
~125 किमी
बोधगयाबुद्ध की ज्ञानस्थली
रास्ता ↗
~245 किमी
लखनऊराजधानी · अवधी खाना
रास्ता ↗
~320 किमी

रहन-सहन का खर्च

एक व्यक्ति के लिए अनुमानित मासिक खर्च — फ़ैसले से पहले स्थानीय तौर पर जाँचें।

1 BHK किराया (शहर)₹4,000 – 7,000 / माह
2 BHK किराया (शहर)₹7,500 – 13,000 / माह
स्थानीय ढाबे पर खाना₹80 – 180
किराना (एक व्यक्ति, माह)₹4,000 – 6,000
बिजली-पानी (बुनियादी)₹1,500 – 3,000
कुल मासिक (अनुमान)₹12,000 – 20,000

केवल अनुमान · टियर-2 उत्तर भारतीय शहर · बाज़ार डेटा से समय-समय पर अपडेट

प्रमुख उद्योग

काशी की अर्थव्यवस्था वास्तव में किससे चलती है।

मुख्य शिल्प

बनारसी सिल्क व बुनाई

शताब्दी पुराने लूम पर हैंडलूम ब्रोकेड और कटन सिल्क — शादी के मौसम के साथ पुराने शहर की साँस चलती है।

बुनकर पट्टी ↗
तीर्थ अर्थव्यवस्था

मंदिर व पूजा व्यापार

पूजा सामग्री, रुद्राक्ष, गंगाजल और प्रसाद — हर हफ़्ते ट्रेन-नाव से आने वाले लाखों को आपूर्ति।

गोदौलिया गलियाँ ↗
शिक्षा

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय

एशिया के सबसे बड़े आवासीय कैंपसों में से एक (1916) — छात्र, शिक्षक और अस्पताल शहर के दक्षिण का आधार।

कैंपस ↗
हस्तशिल्प

लैक, काँच व चूड़ी

चुनार का लैकवर्क, काँच की चूड़ियाँ और पत्थर की कारीगरी — बिहार-बंगाल के थोक बाज़ारों में जाती है।

बाज़ार ↗
पर्यटन

नाव, आरती व आतिथ्य

सुबह की नाव, शाम की गंगा आरती — किनारे के होटल, गेस्ट हाउस और गाइड ही सेवा इंजन।

घाट ↗
कृषि

लीची व आम पट्टी

रामनगर के लीची-आम बाग़, पूर्वी मैदान का गेहूँ-धान।

बाग़ ↗
यातायात

रेल व सड़क जंक्शन

वाराणसी जंक्शन दिल्ली–हावड़ा मुख्य लाइन पर; हवाई अड्डा और NH तीर्थ यातायात चलाते हैं।

स्टेशन ↗
उद्योग

सीमेंट व इंजीनियरिंग

चुनार का बलुआ पत्थर-सीमेंट, छोटे इंजीनियरिंग यूनिट और करखियाँन औद्योगिक क्षेत्र।

औद्योगिक क्षेत्र ↗
दैनिक जीवन

मीडिया, कोचिंग व सेवाएँ

स्थानीय न्यूज़रूम, सिविल सर्विस कोचिंग और अस्पताल — मुख्यालय शहर की सेवा-रीढ़।

शहर केंद्र ↗

प्रमुख रेस्तराँ और खाना

स्थानीय लोग वास्तव में कहाँ खाते हैं — चाट ठेले, लस्सी दिग्गज और छात्रों की जगहें।

चाट दिग्गज

काशी चाट भंडार

गोदौलिया का छोला-टिक्की और टमाटर चाट का संस्थान — ठेले पर खड़े होकर खाइए, खुश होकर जाइए।

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मिठास व लस्सी

ब्लू लस्सी

कभी से चली आ रही गाढ़ी लस्सी — पान, आम और रबड़ी वेरिएंट, पांडेय घाट के कोने पर।

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सुबह के बादशाह

कचौरी गली

गोदौलिया के पास कचौरी-सब्ज़ी गलियाँ — 8 बजे पहुँचिए, वरना बेस्ट बैच निकल जाएगा।

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छात्रों की पसंद

मधुरिमा (BHU)

विश्वविद्यालय का चहेता कैंटीन — सस्ती थाली और छोले-पूरी, पीढ़ियों से छात्रों का भोजन।

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पुराना ठेला

दीना चाट भंडार

पुराने ज़माने का आलू-टिक्की और दही पूरी काउंटर — वही स्वाद, वही भीड़।

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देर रात

पिज़ेरिया वैश्नो

मशहूर बनारसी पिज़ा ठेला — देसी तंदूर पिज़ा, पनीर-अचार के साथ, छात्रों की देर रात की स्टॉप।

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स्थानीय गाइड से सत्यापित · सितंबर 2026 · समय बदलता है — फ़ोन कर लें

बाज़ार और ख़रीदारी

पुराना शहर

विश्वनाथ व ठाठेरी गलियाँ

पूजा सामग्री, काँच की चूड़ियाँ और सिल्क — काशी विश्वनाथ के पीछे का बाज़ार कभी सोता नहीं।

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सिल्क

मदनपुरा बुनकर गलियाँ

लूम से सीधे ब्रोकेड — मीटर के हिसाब से कपड़ा हो या पूरी शादी की लहंगा।

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थोक

लहुराबीर पट्टी

लहुराबीर व नड़ेसर थोक गलियाँ — कपड़ा, अनाज और त्योहारी स्टॉक, पूर्वी UP के लिए।

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त्योहार और मेला कैलेंडर

अक्टूबर–नवंबर

देव दीपावली

दीपावली के पूर्णिमा पर — हर घाट पर गंगा के लिए हज़ारों दीये।

जनवरी–फ़रवरी

महाशिवरात्रि

विश्वनाथ में रात भर का जागरण — शहर का सबसे बड़ा धार्मिक मेला।

फ़रवरी–मार्च

फागुवा होली

पुरानी गलियों में गुलाल-ढोल; बरसाने की लठमार हॉप दूर नहीं।

सितंबर–अक्टूबर

रामनगर रामलीला

रामनगर की महीने भर चलने वाली रामलीला — UNESCO सूची की जीवंत परंपरा।

अप्रैल

राम नवमी

रामनगर क़िले की ओर से शोभायात्राएँ; चैत्र मेले जिले भर में।

सबसे अच्छा मौसम

अक्टूबर – मार्च

घाटों की सर्दी की रोशनी — नाव का मौसम और त्योहार एक साथ।

भारत DN नेटवर्क से

इस शहर को जो चाहिए, नेटवर्क के अपने हब्स पर।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

वाराणसी किस चीज़ के लिए प्रसिद्ध है?

गंगा के घाट और काशी विश्वनाथ मंदिर, बनारसी सिल्क, और दुनिया के सबसे पुराने बसे शहरों में से एक होने के लिए — साथ ही सारनाथ, जहाँ बौद्ध धर्म का पहला उपदेश हुआ।

वाराणसी की जनसंख्या कितनी है?

Census 2011 के अनुसार वाराणसी शहर में 11,98,491 निवासी; अर्बन एग्लोमरेशन 14,35,113 और जिला 36,82,194।

वहाँ घूमने की जगह क्या है?

दशाश्वमेध और अस्सी घाट, काशी विश्वनाथ मंदिर, सारनाथ (10 किमी), रामनगर क़िला और BHU का नई विश्वनाथ मंदिर।

वाराणसी कैसे पहुँचें?

दिल्ली–हावड़ा मुख्य लाइन पर वाराणसी जं (BSB), लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा (VNS) ~25 किमी, और NH-2/NH-56 सड़क मार्ग।

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